जिद्दी बच्चे की परवरिश कैसे करें – समझ, धैर्य और सही तरीके से बच्चे को बेहतर दिशा दें

आजकल के बच्चे बहुत जिद्दी होते जा रहे है जिससे माता पिता को परेशानी का सामना करना पड़ता है बच्चों का ज़िद्दी होना स्वभाव है लेकिन हर बात पर जिद करना कही न कही माता-पिता को परेशान कर देती है । ज़िद एक स्वाभाविक गुण है जो बच्चे के व्यक्तित्व, समझ और स्वतंत्र सोच को दिखाता है । जिद्दी बच्चे की परवरिश कैसे करें के लिए सही दिशा, सही समझ और शांत व्यवहार की जरुरत होती है । आज के इस लेख में हम विस्तार से जिद्दी बच्चे की सही परवरिश करने के बारे में पड़ेंगे जिससे उनको सही दिशा में मोड़कर उन्हें एक बेहतर इंसान बनाया जा सकता है ।

जिद्दी बच्चा क्यों बनता है? कारण समझना बहुत जरूरी है

किसी भी समस्या का समाधान करने से पहले समस्या की जड़ को समझना चाहिए तभी हम किसी समस्या का अच्छे से समाधान कर सकते है । कुछ बच्चे इसलिए ज़िद्दी होते हैं क्योंकि वे अपनी बात को सही तरीके से नहीं कह पाते । कुछ बच्चे तेज़ दिमाग के होते हैं और उनकी जिज्ञासा भी ज्यादा होती है । ऐसे बच्चो की जब बात नहीं सुनी जाती है तो वे आक्रामक , ज़िद्दी या गुस्सेल हो जाते हैं । किसी किसी घर में बच्चो पर अधिक दुलार, अधिक रोक-टोक, माता-पिता के बीच झगड़े या मोबाइल / टीवी / लैपटॉप स्क्रीन टाइम भी बच्चों को जिद्दी बना देता है इसलिए जिद्दी बच्चे की परवरिश कैसे करें समझने से पहले यह जानना जरूरी है कि उसकी ज़िद के पीछे असल वजह क्या है। READ MORE

बच्चे की भावनाओं को समझना क्यों जरूरी है

एक जिद्दी बच्चा कभी कभी अपनी बात या भावनाओं को ठीक तरह से व्यक्त नहीं कर पाता है जिससे वह बच्चा गुस्सा, डर, निराशा या असुरक्षा को ज़िद के रूप में दिखता है । ऐसे समय में माता-पिता का बच्चे के प्रति शांत रहना बहुत आवश्यक है । ध्यान रहे जब आपका बच्चा जिद कर रहा हो तो उसे समझाने की बजाय पहले उसकी भावनाओं को समझे । जब बच्चे को महसूस होगा कि उसके माता-पिता उसकी बात ध्यान से सुनते हैं तो बच्चे का व्यवहार अपने-आप बदलने लगता है । जिद्दी बच्चे की परवरिश कैसे करें इसका एक बड़ा हिस्सा यही है बच्चे की भावनाओं को पहचानना और समझना।

बच्चे से डांटकर नहीं, प्यार से संवाद करें

कुछ माता पिता बच्चो के जिद्दी होने पर डांट फटकार लगाते है लेकिन ऐसा करने से माता पिता को बचना चाहिए क्योंकि डांटने से बच्चा और अधिक हठी बन जाता है । उसकी जिद कम होने के बजाय बढ़ जाती है । बच्चे को शांत मन से बैठकर प्यार से समझाए बच्चे से इस तरह से बात करें जैसे बड़ो से की जाती है ताकि उसे लगे कि उसे गंभीरता से लिया जाता है । यह तरीका जिद्दी बच्चे की परवरिश कैसे करें की रणनीति में बहुत महत्वपूर्ण है ।

बच्चे को विकल्प देना सीखें

क्या आप जानते है बच्चे कब जिद करते है बच्चे तभी ज़िद करते हैं जब उन्हें लगता है कि उन पर दवाब या नियंत्रण किया जा रहा है। आप उसे सीधे आदेश देने की बजाय दूसरा विकल्प भी दें । जैसे- “अभी होमवर्क करो” की जगह आप कहें, “तुम पहले होमवर्क करना चाहोगे या पहले नाश्ता?” ऐसे में बच्चे को चुनाव का अधिकार मिलने से वह खुद को स्वतंत्र महसूस करेगा और उसकी जिद कम होने लगती है । यह तरीका कई माता-पिता के लिए बहुत कारगर साबित हुआ है।

बच्चे के साथ समय बिताना सबसे बड़ा समाधान है

कुछ माता पिता अपनी नौकरी, बिज़नेस में ही लगे रहते है बच्चो की तरफ बिलकुल भी ध्यान नहीं देते है इसीलिए अधिकतर बच्चे इसलिए ज़िद करते हैं क्योंकि उन्हें माता पिता के ध्यान और प्यार की कमी महसूस होती है । इस बात का ध्यान रखे आप कितने भी व्यस्त क्यों न हों, रोज़ कम से कम 30-60 मिनट बच्चे के साथ बिना फोन के बिताएँ । उसके साथ खेलें, बातें करें, उसकी छोटी-छोटी बातों को सुनें । जब बच्चा आपसे जुड़ा हुआ महसूस करता है, तो वह कम जिद करता है। इसीलिए रिश्ता मजबूत बनाना जिद्दी बच्चे की परवरिश कैसे करें का सबसे प्रभावी हिस्सा है ।

बच्चों को नियम सिखाएँ लेकिन प्यार के साथ

घर में नियम होने चाहिए, लेकिन ऐसे नियम जिन्हें बच्चा समझ सके । जैसे सोने का समय, खेलने का समय, पढ़ाई का समय। बच्चे को यह समझाएँ कि नियम उसकी भलाई के लिए हैं, न कि उसे रोकने के लिए । जब नियम लगातार और शांत तरीके से लागू किए जाएँ तो बच्चे की जिद अपने-आप कम हो जाती है।

बच्चे की हर बात तुरंत मान लेना भी नुकसानदायक है

कुछ माता पिता अपने जिद्दी बच्चे को शांत करने के लिए उसकी हर बात मान लेते हैं । जिससे बच्चा और जिद्दी होता जाता है क्योंकि इससे बच्चा यह सीख जाता है कि वे जितनी ज्यादा जिद करेंगे उतनी ज्यादा मांग पूरी होगी इसलिए बच्चे की जरूरत और उसकी जिद में फर्क करना सीखें । यह समझना कि कब “नहीं” कहना जरूरी है जिद्दी बच्चे की परवरिश कैसे करें का अहम हिस्सा है।

पॉजिटिव रिइनफोर्समेंट का इस्तेमाल करें

अपनी तारीफ सुनना हर किसी को अच्छा लगता है बच्चे की हर अच्छी आदत या अच्छे व्यवहार की तारीफ करें चाहे जब स्कूल का वर्क कर लिया हो इससे बच्चे का आत्मविश्वास बड़ता है और वह सीख जाएगा कि अच्छा व्यवहार करने पर उसे प्यार, तारीफ मिलता है। धीरे-धीरे उसकी जिद कम होने लगती है।

स्क्रीन टाइम कम करना जरूरी है

आज कल बच्चो का जिद्दी होने का सबसे बड़ा कारण है दिन भर मोबाइल, टीवी और टैबलेट चलाना । स्क्रीन टाइम ज्यादा होने से उनका दिमाग ओवरस्टिमुलेट हो जाता है । बच्चा वास्तविक दुनिया की गतिविधियों में रुचि कम लेने लगता है । इसलिए स्क्रीन टाइम पर सख्त लेकिन नरम तरीके से नियंत्रण रखें।

बच्चे के सामने झगड़ा और चिल्लाना बंद करें

यदि घर का माहौल तनावपूर्ण है तो बच्चा असुरक्षित और डरा हुआ महसूस करता है जिससे बच्चे का व्यवहार चिडचिडा हो जाता है । माता-पिता के बीच झगड़े, चिल्लाना, गुस्सा यह सब बच्चे के स्वभाव पर गहरा असर डालते हैं । शांत और सकारात्मक माहौल बच्चे के कठोर व्यवहार को नरम बनाने में बहुत मदद करता है।

FAQ:

Q1. बच्चा बहुत ज्यादा जिद्दी हो तो क्या करें?
ANSWER. बच्चा जब बहुत जिद करे, तो तुरंत प्रतिक्रिया देने की बजाय शांत रहें। उसकी भावनाओं को समझें, उसकी बात ध्यान से सुनें और बाद में प्यार से नियम समझाएँ। विकल्प देना और उसे निर्णय में शामिल करना भी जिद कम करता है।

Q2. जिद्दी बच्चे को कैसे वश में करें?
ANSWER. डांटकर नहीं, बल्कि संवाद और प्यार से। नियमित दिनचर्या, अच्छे व्यवहार पर तारीफ, सीमित स्क्रीन टाइम और शांत माहौल बच्चे को नियंत्रित करता है। बच्चे को “ना” का कारण समझाना भी प्रभावी होता है।

Q3. बच्चों का चिड़चिड़ापन कैसे दूर करें?
ANSWER. बच्चे की नींद, खाने की आदत और स्क्रीन टाइम ठीक करें। उसके साथ रोज़ समय बिताएँ और उसकी भावनाओं को सुने। घर का शांत वातावरण और आउटडोर खेल बच्चे की चिड़चिड़ाहट कम कर देते हैं।

Q4. अगर बच्चे कहना नहीं मानते तो क्या करें?
ANSWER. उन्हें आदेश देने की बजाय बातचीत करें। सरल और स्पष्ट नियम बनाएँ और उनके पालन में स्थिर रहें। बच्चे को विकल्प दें और उसके अच्छे व्यवहार की तुरंत तारीफ करें ताकि वह पॉजिटिव तरीके से सीख सके।

Q5. बच्चे का गुस्सा कंट्रोल कैसे करें?
ANSWER. उसे भावनाएँ सँभालना सिखाएँ—गहरी सांस लेना, 1–10 गिनना या शांत कोना में बैठना। खुद शांत रहकर उदाहरण बनें, क्योंकि बच्चा माता-पिता के व्यवहार से ही सीखता है। स्क्रीन टाइम कम करना भी गुस्सा घटाता है।

निष्कर्ष – जिद्दी बच्चा समस्या नहीं, अवसर है

कभी कभी जिद्दी बच्चे बहुत प्यारे लगते है लेकिन यह जिद्दीपन ज्यादा बड जाये तो चिंता का विषय बन जाता है जिद्दी बच्चो की अच्छी परवरिश के लिए बस सही दिशा की जरूरत होती है । बच्चो के अंदर दमदार व्यक्तित्व छिपा होता है । यदि आप उन्हें समझ, प्यार और धैर्य के साथ संभालते हैं तो वही बच्चा आगे चलकर आत्मविश्वासी, मजबूत और समझदार इंसान बनता है । इसलिए जिद्दी बच्चे की परवरिश कैसे करें यह सीखते समय आपको बस यह याद रखना है कि हर बच्चे की सोचने समझने की क्षमता अलग होती है और उसकी अपनी अलग अलग जरूरतें भी होती हैं। सही तरीके से पालने पर बच्चे जिद्दी नहीं, बल्कि समझदार बच्चे बड़े होते हैं।

उपयोगी टिप्स

  • रोज़ बच्चे से बात करने का समय निकालें
  • जिद के जवाब में गुस्सा न करें
  • नियम छोटे, स्पष्ट और लगातार रखें
  • बच्चे को जिम्मेदारियाँ देना शुरू करें
  • स्क्रीन टाइम सीमित रखें
  • बच्चे की छोटी-छोटी उपलब्धियों की तारीफ करें
  • बच्चे के अच्छे और बुरे व्यवहार में फर्क सिखाएँ

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top